यह नियम कैसे काम करते हैं:
1. नियम 40 क्या है?
नियम 40 के अनुसार, प्रत्येक अधिवक्ता जो राज्य नामावली (State Roll) में दर्ज है, उसे 'BCI Advocates Welfare Fund' में अनिवार्य रूप से योगदान देना होता है। यह योगदान दो तरह से होता है:
* प्रवेश शुल्क (Admission Fee): नामांकन के समय।
* वार्षिक सदस्यता (Annual Subscription): वकालत के दौरान नियमित अंतराल पर।
महत्वपूर्ण: यदि कोई अधिवक्ता इस सदस्यता शुल्क का भुगतान समय पर नहीं करता है, तो वह कल्याणकारी योजनाओं (चिकित्सा सहायता सहित) का लाभ लेने का अधिकार खो सकता है।
2. चिकित्सा सहायता के लिए पात्रता (Eligibility)
नियम 40 के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित शर्तें अनिवार्य हैं:
* आपका नाम State Bar Council (जैसे UP Bar Council) की रोल पर होना चाहिए।
* आपने Rule 40 के तहत अपनी सदस्यता राशि (Subscription) पूरी तरह जमा की हो और कोई बकाया न हो।
* आप सक्रिय रूप से वकालत कर रहे हों।
3. सहायता मिलने वाली स्थितियाँ
इस फंड का उपयोग विशेष रूप से निम्नलिखित परिस्थितियों में 'Ex-gratia' (अनुग्रह राशि) देने के लिए किया जाता है:
* गंभीर बीमारी: कैंसर, हृदय रोग, गुर्दा प्रत्यारोपण (Kidney Transplant), या पक्षाघात (Paralysis) जैसी गंभीर स्थितियां।
* अस्पताल में भर्ती: यदि सदस्य कम से कम एक महीने के लिए अस्पताल में भर्ती रहा हो या उसकी बड़ी सर्जरी हुई हो।
* अक्षमता: ऐसी शारीरिक स्थिति जो उसे पेशेवर काम करने से रोकती हो।
4. आवेदन कैसे करें?
नियम 40 के तहत चिकित्सा सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
* निर्धारित फॉर्म (Form): आपको 'BCI Advocates Welfare Scheme' का आवेदन फॉर्म भरना होगा (यह अक्सर राज्य बार काउंसिल की वेबसाइट पर Rule 40 के तहत उपलब्ध होता है)।
* स्थानीय बार का प्रमाणन: वाराणसी में, आपको अपनी Banaras Bar Association के अध्यक्ष या सचिव से फॉर्म पर हस्ताक्षर और मुहर लगवानी होगी, जो यह प्रमाणित करेगा कि आप वहां प्रैक्टिस कर रहे हैं।
* मेडिकल सर्टिफिकेट: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) या संबंधित अस्पताल के प्रमुख द्वारा जारी प्रमाण पत्र और डिस्चार्ज समरी संलग्न करनी होगी।
* जमा करना: यह आवेदन आपकी State Bar Council (इलाहाबाद/लखनऊ कार्यालय) के माध्यम से BCI की कल्याण समिति को भेजा जाता है।
5. बीमा लाभ (Additional Benefit)
नियम 40 के तहत फंड का एक हिस्सा Group Insurance Policy (जैसे न्यू इंडिया एश्योरेंस आदि के साथ) के लिए भी उपयोग किया जाता है। यदि आप 20 वर्ष से अधिक समय से सदस्य हैं और आपकी आयु 65 वर्ष से कम है, तो आप और आपकी पत्नी 1 लाख रुपये तक के मेडिक्लेम के पात्र हो सकते हैं (BCI की वर्तमान पॉलिसी शर्तों के अधीन)।
सुझाव: ज़्यादातर कागजी कार्रवाई में देरी होती है। सभी अधिवक्ताओं को सुझाव है कि UP Bar Council के अपने रिकॉर्ड में यह सुनिश्चित कर लें कि Rule 40 का बकाया (Dues) शून्य है, क्योंकि इसके बिना आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
- अंशुमान दुबे एडवोकेट