वैष्णव जन तो तेने कहिये जे,
पीर परायी जाने रे।
पर दुख्खे उपकार करे तोये,
मन अभिमान ना आने रे।
~ नव वर्ष 2014 ~
~ आप सभी के लिए ~
~ मंगलकारी हो ~
भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में न्यायपालिका की मजबूती केवल न्यायाधीशों पर ही नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं (Advocates) पर भी समान रूप से निर्भर...
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