गरीबी का मज़ाक गरीबाेें की माैत पे,
जितना चाहे बतिया लाे, राजनीति कर लाे,
डाक्टरों काे जेल भेज दाे, दवा कम्पनी काे बन्द कर दाे,
जाे चाहाे वह कर लाे, करवा दाे।
पर बिन मां के बच्चाें का क्या हाेगा यह ताे बता दाे..?
भाई की सूनी कलाई काे दम हाे ताे फिर से सजा दाे,
पत्नी के बिन पति का फिर से विवाह करा दाे...
आैर कुछ ना कर सकाे ताे उनकी भी नसबन्दी करा दाे,
मीडिया काे काफी दिनाें बाद रमन सिंह के खिलाफकुछ मिला है, तनी टी.आर.पी. ताे बड़ा लेने दाे।
गरीबाें का काम ही मरना है,
चाहे दवा से, चाहे भूख से, चाहे बिमारियां से,
लाइन में खडा़ कर गरीबाें काे जलियांवाला बाग बना दाे,
वाह रे तेरी दुनिया, वाह रे तेरे अच्छे दिन।
जय हाे भारत।
Thursday, 13 November 2014
उनकी भी नसबन्दी करा दाे :-
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