अधिवक्ता समाज 2017 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी को भी वोट देगा, परन्तु ***समाजवादी पार्टी को वोट नहीं देगा!*** क्योंकि स.पा. ने 2012 में वृद्ध अधिवक्ताओं को पेंशन देने के वादा किया था, उसे पूरा तो नहीं किया और हद तो यह कर दी की 2017 के घोषणा पत्र से अपना 2012 वादा ही गायब कर दिया!
2012 में किया युवा अधिवक्ताओं को मानदेय का वादा भी 5 साल में पूरा नहीं किया परन्तु वोट की लालच में पुनः 2017 में वादा कर झुनझुना थमा दिया है!
उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता बहनों व भाइयों से सविनय निवेदन है कि आगामी 2017 के विधानसभा चुनाव में किसी भी प्रलोभन में समाजवादी पार्टी को वोट मत करियेगा!
#UP_2017_Election #AdvAnshuman
Tuesday, 24 January 2017
उ. प्र. का अधिवक्ता 2017 विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को वोट नहीं करेगा :-
Saturday, 12 November 2016
500/1000 के नोट जमा कराने और बदलने में क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए:-
कार्यलय व घर में रखे 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बैंक में जमा कराने जा रहे हैं या पुराने नोट बदलने जा रहे हैं तो इसके लिए कुछ सावधानियाँ जरूरी हैं। वरना आप इनकम टैक्स विभाग के शिकंजे में फंस सकते हैं। आपके बैंक खाते पर सरकार की नजर है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि खाते में पैसे जमा कराने और नोट बदलने में आपको क्या-क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए।
1) एक लाख रुपए तक जमा कराने में दिक्कत नहीं। वेतनभोगी वर्ग के लोग, गृहणी या छोटे सेवा प्रदाता व व्यापारी अगर अपने अकाउंट में एक लाख रुपए तक जमा कराते हैं या 1 लाख रुपए के पुराने नोट बदल कर नए नोट लेते हैं तो ऐसे लोगों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
2) जमा करें इनकम टैक्स रिटर्न:- अगर आप बैंक में पचास हजार या एक लाख रुपए जमा करा रहे हैं तो आप मार्च 2016 तक और मार्च 2017 का रिटर्न जरूर भरें। मार्च 2016 का रिटर्न अब भी भरा जा सकता है। अगर आप इनमक टैक्स रिटर्न नहीं भरते हैं और बैंक में 1 लाख या दो लाख रुपए जमा कराते हैं तो इनकम टैक्स विभाग की नजर में आ सकते हैं।
3) बचत खाते में दस लाख रुपए से ज्यादा जमा न करें:- आपको बचत खातें में दस लाख रुपए से अधिक न तो जमा करना चाहिए न एक्सचेंज कराना चाहिए। दस लाख रुपए की रकम बड़ी रकम होती है। इससे ज्यादा की राशि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की स्क्रुटनी में आ सकती है।
4) इनकम टैक्स विभाग स्क्रूटनी के बदल सकता है तरीका:- यह किसी को पता नहीं है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अगले साल स्क्रूटनी किस आधार पर करेगा। हो सकता है इनकम टैक्स विभाग अकाउंट में 2.5 लाख अथवा 5 लाख अथवा 10 लाख से अधिक राशि जमा होने वाले खाताधारक को अलर्ट पर डाल दे और टैक्स नोटिस भेज दे।
5) अपनी इनकम के हिसाब से ही खाते में जमा कराएं पैसे:- आपको अपनी आय के हिसाब से ही अपने अकाउंट में पैसे जमा या एक्सचेंज कराने चाहिए। अगर आपकी सालाना इनकम 5 लाख है और आप अकाउंट में 10 लाख या 15 लाख रुपए जमा करा रहे हैं तो तो आपको इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है। अगर आपने इनकम टैक्स रिटर्न में अपनी आय 5 लाख रुपए घोषित की हुई है तो आपको ध्यान रखना होगा कि आप जो भी रकम अकाउंट में जमा करा रहे हैं यह उससे बहुत ज्यादा न हो।
6) आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी को करें क्रॉस:- अगर बैंक आपसे नोट बदलने के लिए आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी मांगता है तो आप उस फोटोकॉपी पर क्रास करके के साथ इस बात का उल्लेख करें कि इस आईडी का इस्तेमाल एक निश्चित रकम की नोट को इस तिथि को बदलने के लिए किया गया है। इससे आईडी प्रूफ का मिसयूज नहीं हो सकेगा।
7) आपके पास है व्हाइट मनी तो बैंक में जमा कराएं पैसा:- अगर आपके पास व्हाइट मनी है तो आप 10 नंवबर 2016 से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक कितना भी पैसा बैंक में अपने अकाउंट में जमा करा सकते हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि अगर आप के पास व्हाइट मनी है तो आप कितना भी पैसा बैंक में जमा करा सकते हैं। इस पर किसी तरह की रोक टोक नहीं है।
Sunday, 23 October 2016
Be a Not Negotiable :: स्वयं को बिकाऊ मत बनने दो !
Friday, 15 July 2016
वकीलों का काला कोट गुलामी का प्रतीक:-
हिंदुस्तान की न्याय व्यवस्था में काम करने वाले जो एडवोकेट मित्र हैं। उनसे और अपने आपसे माफ़ी मांगते हुए आप सबसे ये पूछता हूँ कि - क्या आप जानते हैं, यह काला कोट पहन के अदालत में क्यों जाते हैं? क्या काले को छोड़ के दूसरा रंग नहीं है भारत में? सफ़ेद नहीं है। नीला नहीं है। पीला नहीं है। हरा नहीं है? और कोई रंग ही नहीं है। काला ही कोट पहनना है। वो भी उस देश की न्यायपालिका में जहाँ तापमान 45 डिग्री हो। तो 45 तापमान जिस देश में रहता हो। वहाँ के वकील काला कोट पहन के बहस करें। तो बहस के समय जो पसीना आता है। वो और गर्मी के कारण जो पसीना आता है वो। तरबतर होते जायें। और उनके कोट पर पसीने से सफ़ेद सफ़ेद दाग पड़ जायें। पीछे कालर पर और कोट को उतारते ही इतनी बदबू आये कि कोई तीन मीटर दूर खिसक जाये। लेकिन फिर भी कोट का रंग नही बदलेंगे। क्योंकि ये अंग्रेजों का दिया हुआ है।
आपको मालूम है। अंग्रेजो की अदालत में काला कोट पहन के न्यायपालिका के लोग बैठा करते थे। और उनके यहाँ स्वाभाविक है । क्योंकि उनके यहाँ न्यूनतम -40 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान होता है। जो भयंकर ठण्ड है। तो इतनी ठण्ड वाली देश में काला कोट ही पहनना पड़ेगा। क्योंकि वो गर्मी देता है। ऊष्मा का अच्छा अवशोषक है। अन्दर की गर्मी को बाहर नहीं निकलने देता। और बाहर से गर्मी को खींच के अन्दर डालता है। इसीलिए ठण्ड वाले देश के लोग काला कोट पहन के अदालत में बहस करें। तो समझ में आता है। पर हिंदुस्तान के गरम देश के लोग काला कोट पहन के बहस करें। 1947 के पहले होता था। समझ में आता है। पर 1947 के बाद भी चल रहा है? हमारी बार काउन्सिल को इतनी समझ नहीं है क्या? कि इस छोटी सी बात को ठीक कर लें। बदल लें। सुप्रीम कोर्ट की बार एसोसिएशन है। हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन है। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की बार एसोसिएशन है। सभी बार एसोसिएशन व बार काउन्सिल अॉफ इंडिया मिल के एक मिनट में फैसला कर सकते हैं कि कल से हम ये काला कोर्ट नहीं पहनेंगे।
हमारे देश पहले अंग्रेज न्यायाधीश हुआ करते थे, तो सर पर टोपा पहन के बैठते थे। जिसमें नकली बाल होते थे। आज़ादी के बाद 40-50 साल तक टोपा लगा कर यहाँ बहुत सारे जज बैठते रहे, देश की अदालत में।
अभी यहाँ क्या विचित्रता है कि काला कोट पहन लिया। ऊपर से काला पेंट पहन लिया। बो लगा लिया। सब एकदम टाइट कर दिया। हवा अन्दर बिलकुल न जाये। फिर मांग करते है कि सभी कोर्ट में एयर कंडीशनर होना चाहिए। ये कोट उतार के फेंक दो न। एयर कंडीशन की जरुरत क्या है? और उसके ऊपर एक गाउन और लाद लेते हैं। वो नीचे तक लहंगा फैलता हुआ। ऐसी विचित्रताएं इस देश में आज़ादी के 70 साल होने को हैं इसके बाद भी वकीलों का काला कोट चल व दिखाई दे रहा है।
अंग्रेजों की गुलामी की एक भी निशानी को आज़ादी के 68 साल में हमने मिटाया नहीं। सबको संभाल के रखा है।
#AdvAnshuman
Monday, 11 July 2016
ढ़ाई आखर प्रेम का :: डॉ. जाकिर नायक
विगत दो दिनों में तथाकथित धर्मगुरु डॉ. जाकिर नायक के youtube video देखा, सुना व समझा तो महसूस हुआ कि डॉ. साहब हर चीज़ का reference देते हैं... कुरान का फला पृष्ठ, वेद का फला पृष्ठ, बाइबल का फला पृष्ठ.. आदि आदि।
और तो और सारी तकरीरें/भाषण अंग्रेजी भाषा में... क्या देश का मुसलमान इतना शिक्षित हो चुका है..???
हमारे लाखों गरीब मुसलमान भाइयों का क्या...??? पहले वे अंग्रेजी सीखे तब ना, डॉ. साहब समझ में आयेंगें।
इन सब पर मेरे प्यारे फकीर "कबीर" ने बहुत पहले कह दिया था, जो डॉ. जाकिर नायक को श्रद्धा पूर्वक स्वरुप समर्पित है...
"पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय।
ढ़ाई आखर प्रेम का, पढ़ै सो पंड़ित होय॥"
#AdvAnshuman
#भारतमेराधर्म
Monday, 27 June 2016
अधिवक्ता पेंशन व युवा अधिवक्ता भत्ता... आंदोलन एक यात्रा:-
अधिवक्ता पेंशन योजना व युवा अधिवक्ता भत्ता योजना की हमारी मांग को बार काउंसिल अॉफ इंडिया ने अपने नये नियम BCI Certificate and Place of Practice (Verification) Rules, 2015 में भी अंकित कर अन्तिम रुप दे दिया है।
#AdvAnshuman
Monday, 20 June 2016
BCI Verification Rules ~Vs.~ BCUP
निम्न स्तर की व्यवस्था में बिना सही नियोजन के उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने 10.06.2016 तक 70000+ अधिवक्ता बंधुओं के वेरिफिकेशन फार्म जमा करा लिये हैं।
अब देखना यह होगा कि इन फार्मों की जांच के उपरांत कब तक Certificate of Practice (COP) तथा वैधता तिथि के साथ वाला Identity Card कब तक मिलता है...???
यहां यह भी देखने योग्य होगा कि जिन अधिवक्ता बंधुओं ने वेरिफिकेशन फार्म नहीं भरा है, उनका क्या होता है...???
वेरिफिकेशन फार्म भरकर अधिवक्ता बंधुओं ने गेंद अब बार काउंसिल अॉफ इंडिया तथा बार काउंसिल अॉफ उत्तर प्रदेश के पाले में डाल दी हैं, अब देखना है कि बड़े-बड़े दावे करने वाले अब क्या-क्या करते हैं...???
वैसे यह कहने में कोई कष्ट नहीं है कि जिस तरीके से वेरिफिकेशन फार्म भरें व भरवायें गये हैं वह कहीं से भी स्तरीय नहीं था और यह खेद का विषय है।
बार काउंसिल का अधिवक्ताओं प्रति रवैया सही नहीं था। अॉनलाइन के युग में बाबा आदम के जमाने का तरीका, जहां एक पृष्ट के अॉनलाइन फार्म से काम चल सकता था वहां बिना बात के 11 पृष्ठ का फार्म manually भरवाया गया।
#AdvAnshuman
धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर समाज को बाँटकर चुनावी लाभ लेना - सही या ग़लत?
धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर समाज को बाँटकर चुनावी लाभ लेना लोकतांत्रिक राजनीति की स्वस्थ दिशा नहीं है, लेकिन यह समझना भी जरूरी है...
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वशिष्ठ जी भगवान श्रीराम के वनवास प्रकरण पर भरत जी को समझाते हैं, इस अवसर पर बाबा तुलसीदास जी ने श्री रामचरितमानस की एक चौपाई में...
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एक तर्क हमेशा दिया जाता है कि अगर बाबर ने राम मंदिर तोड़ा होता तो यह कैसे सम्भव होता कि महान रामभक्त और राम चरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलस...
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उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं के लिए व्यापक मेडिक्लेम/हेल्थ इंश्योरेंस योजना का मुद्दा पिछले दो वर्षों में गंभीर रूप से उभरा है। य...

