Sunday, 7 February 2016

गांधी: एक नाम नहीं बल्कि आदर्श:-

अगर व्यापक स्तर पर देखा जाए तो महात्मा गांधी एक शख्स का नाम नहीं बल्कि एक संस्कृति एक विरासत है। महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के जीवन से मनुष्य को सीखने के लिए बहुत कुछ मिलता है, लेकिन यह भी एक सत्य है कि उनकी विचारधारा को कुछ घंटों में समझना मुश्किल है। इसके लिए पर्याप्त अध्ययन की जरूरत है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का व्यक्तित्व और कृतित्व आदर्शवादी रहा है। उनका आचरण प्रयोजनवादी विचारधारा से ओतप्रोत था। दुनिया के महान लोगों की प्रेरणा के रूप में गांधी जी आज भी जिंदा हैं।

जो चीज गांधी जी को एक आदर्श शख्सियत और पाठशाला बनाती है वह हैं उनके प्रयोग और सिद्धांत। उनके हर सिद्धांत के साथ कई प्रयोग और कई अनुभव जुड़े हैं। चाहे वह अहिंसा का सिद्धांत हो या उनके ब्रह्मचर्य का प्रयोग, सभी में आप गांधी जी प्रयोगात्मक सोच को पाएंगे।

यहां एक तथ्य यह भी है कि निंदा करने वालाें के कारण गांधी व गांधी के विचार आज और भविष्य में भी जीवित रहेंगे। निदंक समाप्त हाे जायेगा परन्तु गांधी के विचार ताे अब प्रकृति के साथ ही समाप्त होगें।

No comments:

Post a Comment

23 साल की वकालत का अनुभव: चेहरे बदलते रहे, व्यवस्था नहीं!

बार एसोसिएशन से बार काउंसिल तक—वादों, स्वार्थ और व्यवस्था के पतन का एक कटु अनुभव। वकालत करते हुए 23 वर्ष बीत गए। इस दौरान बार एसोसिएशन के अन...