किया जो तूने थोड़ा इज़ाफा,
सनम हमारे मचल गये हैं,
अभी तो किस्सा शुरु हुआ है,
'मान' देखों वो बदल गये हैं!
अंदाज उनका नर्म न होता
यह सच हम जान गये हैं
मिली जगह जो थोड़ी आगे
तबीयत 'मान' अभी से गर्म हुयी है!
#AdvAnshuman
धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर समाज को बाँटकर चुनावी लाभ लेना लोकतांत्रिक राजनीति की स्वस्थ दिशा नहीं है, लेकिन यह समझना भी जरूरी है...
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