Saturday, 18 March 2017
गायत्री मंत्र का पाठ पाकिस्तानी पी. एम. के सामने पाकिस्तान में:-
Sunday, 12 February 2017
कष्टदायक, विद्वेष पूर्ण विचारों की निंदा:-
क्षमा के साथ कहना पड़ रहा है कि, सेन्ट्रल बार के गांधी सभागार में स्थापित **महात्मा गांधी की प्रतिमा* जिस किसी को भी जयपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन.एम.रांका जी (प्रतिमा दानदाता संस्था के प्रमुख) के पिता सी लगती है, वे अपने श्री-नेत्रों का किसी नेत्र चिकित्सक के पास जाकर इलाज कराने का कष्ट करें, क्योंकि बापू की जो प्रतिमा दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन 'बनारस' वाराणसी के सभागार में स्थापित है वह "ध्यानयोग मुद्रा" में है! इसे समझने के लिए अपने अंदर क्षमता उत्पन्न करनी होगी, जिसका प्रयास मैं भी निरंतर कर रहा हूँ!
***मेरी उपरोक्त बातों से यदि किसी को कष्ट हुआ हो तो मैं क्षमा प्रार्थी हूँ! मेरी उक्त बातें किसी को छोटा साबित करने के लिए नहीं हैं! उक्त बातों को लिखने के उपरांत मैं किसी भी प्रकार के दण्ड को तत्पर हूँ तथा आप दण्ड देने को स्वतंत्र हैं!***
#AdvAnshuman
Friday, 10 February 2017
न्याय देखो:-
दलाल घूमते रहेगें देखो,
काले कोटा देखों बेकाम होगें,
बिका है मुंसिफ अपना देखों,
'मान' यही सदा से हुआ किया है!
बड़ी हवेली का 'मान' न्याय देखो
हिली है जिसकी बुनियाद देखो,
खड़ा है बाहर वो फरियाद लेकर,
अंदर हाकिम का ज़मीर मरा हुआ है!
#AdvAnshuman
न सलाम होगा:-
जहा में ये पैगाम आम होगा,
ग़ुरूर वालों का नाम होगा,
झुका जमाना जिसके आगे,
'मान' का उसको न सलाम होगा!
अभी अभी वह बड़ा हुआ,
तमीज आने में वक्त लगेगा,
उठी जो गर्दन उसकी देखों,
'मान' न सजदे तमाम होगा!
#AdvAnshuman
वो बदल गये हैं:-
किया जो तूने थोड़ा इज़ाफा,
सनम हमारे मचल गये हैं,
अभी तो किस्सा शुरु हुआ है,
'मान' देखों वो बदल गये हैं!
अंदाज उनका नर्म न होता
यह सच हम जान गये हैं
मिली जगह जो थोड़ी आगे
तबीयत 'मान' अभी से गर्म हुयी है!
#AdvAnshuman
Tuesday, 31 January 2017
पैमाने तुम्हारे होगें!
जितना दबाना है, दबा लो मुझको,
जितना हराना है, हरा लो मुझको,
जीत हार के पैमाने तुम्हारे होगें!
बीमारी तुम्हारी है, बीमार हम होगें,
जबतक गंगा उल्टी बहेंगी बहा लो उसको!
समय के तूफान में, किश्ती से उड़ जोओगे
हो अगर दम तुमें, तो आजमा लो मुझको,
'मान' सर कलम को तैयार बैठा है,
हो गर सच्चे तो हाथ में खन्जर उठालो यारों!
#AdvAnshuman
Sunday, 29 January 2017
अन्तहीन विषय बनता जा रहा है, "प्रातःकालीन न्यायालय अवधि":-
अन्तहीन विषय बनता जा रहा है, "प्रातःकालीन न्यायालय अवधि"
*2014 में मई जून माह पूरे 2 माह की 'कार्य से विरत' (हड़ताल) का प्रस्ताव
*फिर बार काउंसिल द्वारा हर माह की 28 तारीख को 'कार्य से विरत' (हड़ताल) का प्रस्ताव
*फिर उच्च न्यायलय के द्वारा 8 से 2 व 10 से 4 बजे की न्यायालय अवधि को चुने का प्रस्ताव
*2015 में साधारण सभा ने 10 से 4 की समयावधि को चुना क्योंकि वे पूर्व की भांति 6.30 से 12.30 की अवधि चाहती है
*शायद उसी 2015 की साधारण सभा ने यह भी पारित किया कि बार काउंसिल के पूर्व के प्रस्ताव को मानते हुये 28 तारीख की 'कार्य से विरत' (हड़ताल) जारी रहेगी
*2015 में ही शायद दी बनारस बार एसोसिएशन ने यह प्रस्ताव पारित किया की 28 तारीख का 'कार्य से विरत' (हड़ताल) का प्रस्ताव हमारे बार से नहीं सेन्ट्रल बार से पारित हुआ है
*फिर 2016 में 28 तारीख का 'कार्य से विरत' (हड़ताल) का प्रस्ताव निरन्तर जारी रहा
*2016 में बनारस बार में 8 से 2 का प्रस्ताव पारित किया और सेन्ट्रल बार ने 8 से 2 के प्रस्ताव का विरोध किया, जिसके कारण न्यायालय अवधि पूरे वर्ष एक समान 10 से 4 रही
*अब 2017 में पुनः 28 का 'कार्य से विरत' (हड़ताल) का प्रस्ताव संयुक्त बार की प्रबंध समिति द्वारा समाप्त!
??? है ना अन्तहीन विषय ???
***समस्या का एक मात्र समाधान:- हर माह के 28 तारीख का 'कार्य से विरत' (हड़ताल) अर्थात प्रातःकालीन न्यायालय अवधि के आंदोलन पर संयुक्त बार के साधारण सभा की बैठक आहूत कर सभी सदस्यों का 'मतदान' करा लिया जायें और समस्या का स्थायी हल दो से तीन दिन में निकल जायेगा!
*** ?? क्या आप मेरी राय से सहमत हैं??***
#AdvAnshuman
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