Tuesday, 3 February 2015

कफ़न भी चन्दे से :-

No.1 - राेटी
No.2 - कपड़ा
No.3 - मकान
युवा व वृद्ध अधिवक्ता के लिए राेटी... व कपड़ा अति आवश्यक है। वह प्राप्त हाेगा Stipend आैर  Pension से...

मकान (अधिवक्ता पुरम) ताे स्वाभाविक रूप से No. 3 पर है, यह अवश्य हाेना चाहिए परन्तु शर्त इतनी है, राेटी व कपड़े के बाद...!!!

मैं ताे उनकी बात कर रहा हूँ, जिनके मरने पर कफ़न भी चन्दे से आता है।

साथ में उनकी बात कर रहा हूँ जिन्होंने किसी दुर्घटना के कारण  विकलांगता के बाद वकालत छाेड़ दी हाे आैर आजीविका काेई साधन न हाे।

साथ में उन युवाओं की बात कर रहा हूँ जाे आर्थिक कारणों से वकालत जैसे गरिमापूर्ण पेश काे छाेड़कर दूसरे राेजगार करने काे मजबूत हाेते हैं।

वकालत पेश में आज 15 से 20 प्रतिशत युवा आ रहे हैं जबकि वर्तमान में भारत की 65 प्रतिशत जनता 35 वर्ष से कम उम्र की हैं। यह विचारणीय है।

ना जनाब मैं आपकी बात नहीं कर रहा हूँ। मैं ताे उनकी बात कर रहा हूँ जिनके मरने पर कफ़न भी चन्दे से आता है।

प्रदेश सरकार (स.पा.) आैर केन्द्र सरकार (भा.ज.पा.) ने 2012 विधानसभा चुनाव में किया था पर कुछ नहीं किया।

बार काउंसिल व बार एसाेसिएशन संघर्ष कर रहें हैं आंदोलन की धमकी देकर कार्य विरत भी हाेते हैं आैर नहीं भी हाेते हैं।

सत्य के वास में कमी है। मुझमें आैर सबमें।

शायद मेरी मांगाें आैर विचाराें में दाेष हाे, पर मैं अपने विचार पर कायम हूँ आैर रहूंगा।

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