Thursday, 14 May 2015

गुरू काे समर्पित - 3

हमारे एक पिया प्यारा है,
घट घट में उसी का नूर है।
हिन्दू मुस्लिम से भी प्यारा है,
जात पात से भी प्यारा है।
आवे न जावे, मरे ना जीवे,
हमारे एक पिया प्यारा है।

No comments:

Post a Comment

धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर समाज को बाँटकर चुनावी लाभ लेना - सही या ग़लत?

धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर समाज को बाँटकर चुनावी लाभ लेना लोकतांत्रिक राजनीति की स्वस्थ दिशा नहीं है, लेकिन यह समझना भी जरूरी है...